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सैड शायरी

अपनी आँखों के समंदर...

अपनी आँखों के समंदर में उतर जाने दे,
तेरा मुजरिम हूँ मुझे डूब के मर जाने दे ।

ज़ख़्म कितने तेरी चाहत से मिले हैं मुझको,
सोचता हूँ कि कहूँ तुझसे मगर जाने दे ।

Aankhon Ke Samandar Me...

Apni Aankho Ke Samandar Me Utar Jaane De,
Tera Muzrim Hoon Mujhe Doob Ke Mar Jane De!

Zakhm Kitne Teri Chahat Me Mile Hain Mujhko,
Sochta Hoon Ki Kahoon Tujhse Magar Jaane De!

गौरव कुमार द्वारा दिनाँक 17.02.15 को प्रस्तुत
ख्याल शायरी

​उनके साथ जीने का...

​उनके साथ जीने का एक मौका दे दे ऐ खुदा,
तेरे साथ तो हम मरने के बाद भी रह लेंगे​।

Saath Jeene Ka Ek Mauka De...

Unke Saath Jeene Ka Ek Mauka De De Ai Khuda,
Tere Saath ToHum Marne Ke Baad Bhi Rah Lenge!

गौरव कुमार द्वारा दिनाँक 17.02.15 को प्रस्तुत
सैड शायरी

उन गलियों से जब गुज़रे...

उन गलियों से जब गुज़रे तो मंज़र अजीब था,
दर्द था मगर वो दिल के करीब था,
जिसे हम ढूँढ़ते थे अपनी हाथों की लकीरों में,
वो किसी दूसरे की किस्मत किसी और का नसीब था।

Un Galiyon Se Jab Gujre...

Un Galiyon Se Jab Gujre To Manzar Ajeeb Tha,
Dard Tha Magar Wo Dil Ke Kareeb Tha,
Jise Hum Dhoondhte The Apni Haatho Ki Lakeeron Me,
Wo Kisi Doosare Ki Kismat Kisi Aur Ka Naseeb Tha!

गौरव कुमार द्वारा दिनाँक 17.02.15 को प्रस्तुत
हिंदी उर्दू ग़ज़ल

ज़रा सी देर में दिलकश नज़ारा...

ज़रा-सी देर में दिलकश नज़ारा डूब जायेगा;
ये सूरज देखना सारे का सारा डूब जायेगा;

न जाने फिर भी क्यों साहिल पे तेरा नाम लिखते हैं;
हमें मालूम है इक दिन किनारा डूब जायेगा;

सफ़ीना हो के हो पत्थर, हैं हम अंज़ाम से वाक़िफ़;
तुम्हारा तैर जायेगा हमारा डूब जायेगा;

समन्दर के सफर में किस्मतें पहलू बदलती हैं;
अगर तिनके का होगा तो सहारा डूब जायेगा;

मिसालें दे रहे थे लोग जिसकी कल तलक हमको;
किसे मालूम था वो भी सितारा डूब जायेगा।

Dilkash Najara Doob Jayega...

Zara Si Der Me Dilkash Najara Doob Jayega,
Ye Sooraj Dekhne Saare Ka Saara Doob Jayega,

Na Jaane Fir Bhi Kyu Sahil Pe Tera Naam Likhte Hain,
Hamen Maloom Hai Ek Din Kinara Doob Jayega,

Safeena Ho Ke Ho Patthar Hain Hum Anzaam Se Waqif,
Tumhara Tair Jayega Humara Doob Jayega,

Samandar Ke Safar Me Kismate Pahloo Badalti Hain,
Agar Tinke Ka Hoga To Sahara Doob Jayega,

Misaalen De Rahe The Log Jiski Kal Talak Humko,
Kise Maloom Tha Wo Bhi Sitara Doob Jaayega!

गौरव कुमार द्वारा दिनाँक 17.02.15 को प्रस्तुत
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