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जिंदगी शायरी

जब ठेस लगती है...

लोग डूबते हैं तो समंदर को दोष देते हैं,
मंजिल न मिले तो मुकद्दर को दोष देते हैं,
खुद तो संभल कर चल नहीं सकते,
जब ठेस लगती है तो पत्थर को दोष देते हैं।

दीपक विश्वकर्मा द्वारा दिनाँक 15-12-2016 को प्रस्तुत
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