Search Results for - मनीष कुमार सिंह

दर्द शायरी

दिल से इन्तेकाम...

जब कभी तेरा नाम लेते हैं,
दिल से हम इन्तेकाम लेते हैं,
मेरी बरबादियों के अफसाने
मेरे यारों का नाम लेते हैं।

मनीष कुमार सिंह सीतामढी द्वारा दिनाँक 28.03.16 को प्रस्तुत
दर्द शायरी

तकदीर आशिक की...

दर्द होता है मगर शिकवा नहीं करते,
कौन कहता है कि हम वफा नही करते,
आखिर क्युँ नहीं बदलती तकदीर “आशिक” की
क्या मुझको चाहने वाले मेरे लिए दुआ नहीं करते।

मनीष कुमार सिंह सीतामढी द्वारा दिनाँक 28.03.16 को प्रस्तुत
सुन्दर वाक्य

एक कमी ही काफी...

अपनाने के लिये हजार खूबियाँ कम है,
छोड़ने के लिये एक कमी ही काफी है।

मनीष कुमार सिंह द्वारा दिनाँक 09.05.17 को प्रस्तुत
लव शायरी

आपको पाने के लिये...

माना कि तुम जीते हो ज़माने के लिये,
एक बार जी के तो देखो हमारे लिये,
दिल की क्या औकात आपके सामने,
हम तो जान भी दे देंगे आपको पाने के लिये!

मनीष कुमार सिंह द्वारा दिनाँक 09.05.17 को प्रस्तुत
पेज शेयर करें
   
© 2015-2017 हिंदी-शायरी.इन | डिसक्लेमर | संपर्क करें | साईटमैप
Best Shayari in hindi | Love Sad Funny Shayari and Status in Hindi