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हिंदी उर्दू ग़ज़ल

जो की थी मोहब्बत...

हमने जो की थी मोहब्बत वो आज भी है,
तेरे जुल्फों के साये की चाहत आज भी है।

रात कटती है आज भी ख्यालों में तेरे,
दीवानों सी मेरी वो हालत आज भी है।

किसी और के तसब्बुर को उठती नहीं
बेईमान आँखों में थोड़ी सी शराफत आज भी है।

चाह के एक बार चाहे फिर छोड़ देना तू,
दिल तोड़ तुझे जाने की इजाजत आज भी है।

मनीष त्रिपाठी द्वारा दिनाँक 03.05.17 को प्रस्तुत
दिल शायरी

ये गुस्ताख़ दिल...

ये गुस्ताख़ दिल न जाने क्या कर बैठा,
मुझसे बिना पूछे ही फैसला कर बैठा,
इस धरती पर टूटा सितारा भी नहीं गिरता,
और ये पागल, चाँद से मोहब्बत कर बैठा।

मनीष त्रिपाठी द्वारा दिनाँक 04.05.17 को प्रस्तुत
तारीफ़ शायरी

कितना खूबसूरत चेहरा...

कितना खूबसूरत चेहरा है तुम्हारा,
ये दिल तो बस दीवाना है तुम्हारा,
लोग कहते है चाँद का टुकड़ा तुम्हें,
पर मैं कहता हूँ चाँद भी टुकड़ा है तुम्हारा।

मनीष त्रिपाठी द्वारा दिनाँक 04.05.17 को प्रस्तुत
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