Search Results for - सर्वेश कुमार चौहान

रोमांटिक शायरी

झलक को बेकरार...

हुस्न-ए-बेनजीर के तलबगार हुए बैठे हैं,
उनकी एक झलक को बेकरार हुए बैठे हैं,
उनके नाजुक हाथों से सजा पाने को,
कितनी सदियों से गुनाहगार हुए बैठे हैं।

सर्वेश कुमार चौहान द्वारा दिनाँक 04.12.17 को प्रस्तुत
पेज शेयर करें
   
© 2015-2018 हिंदी-शायरी.इन | डिसक्लेमर | संपर्क करें | साईटमैप
Best Shayari in hindi | Love Sad Funny Shayari and Status in Hindi