होम / कैटेगरी : शिक़वा शायरी

हिंदी में शिक़वा शायरी

हमसे कहा होता...

औरों से कहा तुमने... औरों से सुना तुमने,
कभी हमसे कहा होता कभी हमसे सुना होता।

एडमिन द्वारा दिनाँक 04.12.17 को प्रस्तुत | कमेंट करें
-Advertisement-

खबर क्यों रखते हो...

रिश्ता नहीं रखना तो हम पर नज़र क्यों रखते हो,
जिन्दा हैं या मर गए तुम ये खबर क्यों रखते हो..?

आज़िब शाह द्वारा दिनाँक 29.11.17 को प्रस्तुत | कमेंट करें
-Advertisement-

चाहा था तुम्हें...

तुम मेरे लिए अब कोई इल्जाम न ढूँढो,
चाहा था तुम्हें एक यही इल्जाम बहुत है।

एडमिन द्वारा दिनाँक 20.10.17 को प्रस्तुत | कमेंट करें

धोखा न दिया हमने...

किरदार की अज़मत को गिरने न दिया हमने,
धोखे तो बहुत खाए लेकिन धोखा न दिया हमने।

समीर खान द्वारा दिनाँक 02.10.17 को प्रस्तुत | कमेंट करें
-Advertisement-

बिछड़ना कबूल है...

दिल पे बोझ लेकर तू मुलाकात को न आ,
मिलना है इस तरह तो बिछड़ना कबूल है।

बिछड़ना कबूल है शायरी
एडमिन द्वारा दिनाँक 08.08.17 को प्रस्तुत | कमेंट करें

पेज शेयर करें
   
© 2015-2018 हिंदी-शायरी.इन | डिसक्लेमर | संपर्क करें | साईटमैप
Best Shayari in hindi | Love Sad Funny Shayari and Status in Hindi