होम / दर्द शायरी / किस्सा तमाम कर दिया

किस्सा तमाम कर दिया

( दिवाकर शर्मा नादान द्वारा दिनाँक 10-01-2018 को प्रस्तुत )
-Advertisement-

दिन को रात और सुबह को शाम कर लिया,
तेरी आशिक़ी ने किस्सा यूँ तमाम कर दिया।

पढ़ने में हाथ तंग तो हमेशा से रहा है,
उसको पढ़ने का ये नया काम सर लिया।

जीने की ख़्वाहिश लिये मरने लगे तुझ पर,
यूं हमने जीने-मरने का सब इंतजाम कर लिया।

ग़ुरूर भी रश्क़ करता था हम से इक ज़माने में,
आज रुसवाइयों ने कब्जा सरेआम कर लिया।

रौनक हुआ करते थे कभी महफिलों की हम,
तेरी जुदाई ने तन्हाई को मेरे नाम कर दिया।

-Advertisement-

आप इन्हें भी पसंद करेंगे

-Advertisement-
हमसे जुड़ें
फेसबुक पेज
पेज शेयर करें
 
© 2015-2019 हिंदी-शायरी.इन | डिसक्लेमर | संपर्क करें | साईटमैप
Best Shayari in hindi | Love Sad Funny Shayari and Status in Hindi