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मगर अब नहीं

( एडमिन द्वारा दिनाँक 22-02-2019 को प्रस्तुत )
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कभी मैं भी तेरी मोहब्बत के नशे में था,
मेरी आँख में भी खुमार था, मगर अब नहीं,
कभी ये दिल बाग़-ओ-बहार था, मगर अब नहीं,
तेरा ज़िक्र वजह-ए-करार था, मगर अब नहीं।

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