होम / दो लाइन शायरी / अपनी दास्ताँ सुनाते हैं

अपनी दास्ताँ सुनाते हैं

( आर्यन वर्मा द्वारा दिनाँक 14-06-2016 को प्रस्तुत )
-Advertisement-

चलो आज शायरी की हवा बहाते हैं,
तुम उठा लाओ मीर ग़ालिब की नज़्में,
और हम अपनी दास्ताँ सुनाते हैं।


-Advertisement-

आप इन्हें भी पसंद करेंगे

-Advertisement-
पेज शेयर करें
   
© 2015-2017 हिंदी-शायरी.इन | डिसक्लेमर | संपर्क करें | साईटमैप
Best Shayari in hindi | Love Sad Funny Shayari and Status in Hindi