होम / बेवफा शायरी / मोहब्बत की इन्तेहाँ

मोहब्बत की इन्तेहाँ...


( जतिन लिसाड़ी द्वारा दिनाँक 03.11.16 को प्रस्तुत )
Advertisement

किसी की खातिर मोहब्बत की इन्तेहाँ कर दो,
लेकिन इतना भी नहीं कि उसको खुदा कर दो,
मत चाहो किसी को टूट कर इस कदर इतना,
कि अपनी वफाओं से उसको बेवफा कर दो।

मोहब्बत की इन्तेहाँ



Advertisement

आप इन्हें भी पसंद करेंगे

Advertisement
Ads from AdNow
loading...

« पिछला पोस्ट अगला पोस्ट »