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तेरी आँखें...


( एडमिन द्वारा दिनाँक 24.11.16 को प्रस्तुत )
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अब तक मेरी यादों से मिटाए नहीं मिटता,
भीगी हुई इक शाम का मंज़र तेरी आँखें।

तेरी आँखें



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