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सताया न कीजिये...


( कल्पना दुबे द्वारा दिनाँक 27.11.16 को प्रस्तुत )
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यूँ हर पल हमें सताया न कीजिये,
यूँ हमारे दिल को तड़पाया न कीजिये,
क्या पता कल हम हों न हों इस जहॉ में,
यूँ नजरें हमसे आप चुराया न कीजिये ।




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