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ग़म छुपाऊं कैसे

( एडमिन द्वारा दिनाँक 28-11-2016 को प्रस्तुत )
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खुश्क आँखों से भी अश्कों की महक आती है,
तेरे ग़म को ज़माने से मैं छुपाऊं कैसे।

ग़म छुपाऊं कैसे शायरी
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