होम / दो लाइन शायरी / कहीं के नहीं रहते

कहीं के नहीं रहते

( एडमिन द्वारा दिनाँक 06-12-2016 को प्रस्तुत )
-Advertisement-

सामान बाँध लिया है मैंने भी अब बताओ दोस्त,
वो लोग कहाँ रहते है जो कहीं के नहीं रहते।

-Advertisement-

आप इन्हें भी पसंद करेंगे

-Advertisement-
पेज शेयर करें
   
© 2015-2017 हिंदी-शायरी.इन | डिसक्लेमर | संपर्क करें | साईटमैप
Best Shayari in hindi | Love Sad Funny Shayari and Status in Hindi