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वो मेरा हमसफर...


( विनोद सिन्हा द्वारा दिनाँक 06.12.16 को प्रस्तुत )
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वो मेरा हमसफर भी था वो मेरा राहगुजर भी था,
मंजिलें ही एक न थीं, दरमियाँ ये फासला भी था।

वो मेरा हमसफर



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