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गिरने में हार नहीं

( मनीष उपाध्याय द्वारा दिनाँक 02-10-2017 को प्रस्तुत )
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तेरे गिरने में तेरी हार नहीं...
तू आदमी है अवतार नहीं...
गिर, उठ, चल, फिर भाग...
क्योंकि...
जीत संक्षिप्त है इसका कोई सार नहीं।

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