होम / हर्ट टचिंग लाइन / मेहमान बुरा लगता

मेहमान बुरा लगता

( प्रह्लाद सिंह राजपूत द्वारा दिनाँक 02-12-2017 को प्रस्तुत )
-Advertisement-

सच कहूँ तो मुझे एहसान बुरा लगता है,
जुल्म सहता हुआ इंसान बुरा लगता है,
कितनी मसरुक हो गयी है ये दुनिया,
एक दिन ठहरे तो मेहमान बुरा लगता है।

-Advertisement-

आप इन्हें भी पसंद करेंगे

-Advertisement-
पेज शेयर करें
   
© 2015-2018 हिंदी-शायरी.इन | डिसक्लेमर | संपर्क करें | साईटमैप
Best Shayari in hindi | Love Sad Funny Shayari and Status in Hindi