होम / दो लाइन शायरी / बेखबर थे लोग

बेखबर थे लोग

( एडमिन द्वारा दिनाँक 05-03-2018 को प्रस्तुत )
-Advertisement-

अन्दर लगी थी आग, मगर बेखबर थे लोग,
जलते हुए मकान के बाहर धुआँ न था।

बेखबर थे लोग शायरी
-Advertisement-

आप इन्हें भी पसंद करेंगे

-Advertisement-
पेज शेयर करें
   
© 2015-2018 हिंदी-शायरी.इन | डिसक्लेमर | संपर्क करें | साईटमैप
Best Shayari in hindi | Love Sad Funny Shayari and Status in Hindi