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मुझे तेरी थी आरज़ू...


( एडमिन द्वारा दिनाँक 17.10.15 को प्रस्तुत )
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वो वक़्त गुजर गया जब मुझे तेरी आरज़ू थी,
अब तू खुदा भी बन जाए तो मैं सज़दा न करूँ ।




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