होम / जिंदगी शायरी / मीठे लफ़्ज़ों में फरेब

मीठे लफ़्ज़ों में फरेब

( सईद काज़िम अख्तर द्वारा दिनाँक 19-07-2018 को प्रस्तुत )
-Advertisement-

समझ जाता हूँ मीठे लफ़्ज़ों में छुपे फरेब को,
ज़िन्दगी तुझे समझने लगा हूँ आहिस्ता आहिस्ता।

-Advertisement-

आप इन्हें भी पसंद करेंगे

-Advertisement-
पेज शेयर करें
   
© 2015-2018 हिंदी-शायरी.इन | डिसक्लेमर | संपर्क करें | साईटमैप
Best Shayari in hindi | Love Sad Funny Shayari and Status in Hindi