होम / गुणता नियंत्रण कविता / लागत और गुणवत्ता

लागत और गुणवत्ता

( एडमिन द्वारा दिनाँक 02-11-2015 को प्रस्तुत )
-Advertisement-

प्रगति पथ जटिल है, यह वक्त भी कठिन है ये,
पग-पग पर हैं चुनौतियाँ, प्रतिस्पर्धा का युग है ये ।

स्पर्धात्मक कीमतें भी, निगलने को तैयार खड़ी,
अल्प-माँग का दानव भी, हुंकार रहा ललकार रहा ।

लागत और गुणवत्ता के बीच , युद्ध है छिड़ा हुआ,
इस युग में बाजार ही, रणक्षेत्र है बना हुआ ।

सर्वोत्तम गुणवत्ता का अस्त्र , जीत हमें दिलाएगा,
अच्छा सुन्दर टिकाऊ उत्पाद ,ग्राहक के मन भाएगा ।

लागत में लायेंगे कमी, लाभ स्वमेव बढ़ जाएगा,
उच्चतम तकनीकी का साथ, आगे हमें बढाएगा ।

जो रोक सके तो रोक कर, अब हमें कोई दिखाए,
निकल पड़े हैं हम सभी, अब जीत की शपथ लिए ।

चुनौतिओं को पार कर, एक नया मुकाम पायेंगे,
संगठन को विश्व में, नयी पहचान दिलाएंगे ।

-Advertisement-

आप इन्हें भी पसंद करेंगे

-Advertisement-
पेज शेयर करें
   
© 2015-2017 हिंदी-शायरी.इन | डिसक्लेमर | संपर्क करें | साईटमैप
Best Shayari in hindi | Love Sad Funny Shayari and Status in Hindi