होम / शायर : मुस्तफ़ा ज़ैदी

मुस्तफ़ा ज़ैदी की शायरी

कोई कहकशाँ नहीं...

इन्ही पत्थरों पे चल कर अगर आ सको तो आओ,
मेरे घर के रास्ते में कोई कहकशाँ नहीं है।

-Advertisement-
हमसे जुड़ें
फेसबुक पेज
पेज शेयर करें
 
Best Shayari in hindi | Love Sad Funny Shayari and Status in Hindi