होम / मौसम शायरी / आखिर कौन सा मौसम

आखिर कौन सा मौसम

( एडमिन द्वारा दिनाँक 07-05-2017 को प्रस्तुत )
-Advertisement-

उसे इस बार वफ़ाओं से गुज़र जाने की जल्दी थी,
मगर अबके मुझे अपने घर जाने की जल्दी थी,
मैं आखिर कौन सा मौसम तुम्हारे नाम कर देता,
यहाँ हर एक मौसम को गुज़र जाने की जल्दी थी।

आखिर कौन सा मौसम शायरी
-Advertisement-

आप इन्हें भी पसंद करेंगे

-Advertisement-
हमसे जुड़ें
फेसबुक पेज
पेज शेयर करें
 
© 2015-2019 हिंदी-शायरी.इन | डिसक्लेमर | संपर्क करें | साईटमैप
Best Shayari in hindi | Love Sad Funny Shayari and Status in Hindi