होम / दर्द शायरी / दर्द-ए-दिल की दवा
-Advertisement-

दर्द-ए-दिल की दवा

अब मेरे दर्द-ए-दिल की दवा तू न कर,
हर दवा तेरी यूँ ही बिखर जाएगी,
दिल के ज़ख्मों पे तू कोई मरहम न कर,
ये अदा तेरी दिल में उतर जाएगी,
आशियाना है ग़म-ए-ज़िन्दगी का मेरी,
दूर होते ही उल्फ़त बिखर जाएगी।
~ बलराम सिंह

-Advertisement-
-Advertisement-

You may also like

हमसे जुड़ें
फेसबुक पेज
पेज शेयर करें
 
Best Shayari in hindi | Love Sad Funny Shayari and Status in Hindi