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हिंदी शायरी
Unki Marzi
Unki Marzi Ho Toh Baat Karte Hain, Aur Ek Hum Hain,
Jo Har Din Unki Marzi Ka Hi Intezar Karte Hain.
उनकी मर्जी हो तो बात करते हैं और एक हम हैं
जो पूरे दिन उनकी मर्जी का ही इंतज़ार करते है ।
Na Kar Dard Ki Shayari
Na Kiya Kar Apne Dard Ko
Shayari Mein Bayaan Aye Dil,
Kuchh Log Toot Jate Hain,
Isey Apni Daastaan SamajhKar.
ना किया कर अपने दर्द को
शायरी में बयान ऐ दिल,
कुछ लोग टूट जाते हैं
इसे अपनी दास्तान समझकर।
Zakhm Taza Rahe
Mujhey Yakeen Hai Mohabbat Usi Ko Kahte Hain,
Ke Zakhm Taza Rahe Aur Nishan Chala Jaye.
मुझे यकीन है मोहब्बत उसी को कहते हैं,
कि जख्म ताज़ा रहे और निशान चला जाये।
Kabhi Mukhatib Ho
Kabhi Mukhatib Ho Toh Kahun, Kya Marz Hai Mera,
Ab Dur Se Puchhoge Toh Khairiyat Hi Kahenge.
कभी हो मुखातिब तो कहूँ क्या मर्ज़ है मेरा,
अब तुम दूर से पूछोगे तो ख़ैरियत ही कहेंगे।
Bach Ke Rahna
Bach Ke Rahna Aise Logon Se Mere Doston,
Jinke Dil Mein Bhi Ek Dimaag Rahta Hai.
बच के रहना ऐसे लोगों से मेरे दोस्तों,
जिनके दिल में भी एक दिमाग रहता है।
Khushboo Nahin Aayi
Hawayein Hadtaal Par Hain Shayad,
Aaj Tumhari Khushboo Nahin Aayi.
हवाएँ हड़ताल पर हैं शायद,
आज तुम्हारी खुशबू नहीं आई।
मोहब्बत का सफर
आगे सफर था और पीछे हमसफर था,
रूकते तो सफर छूट जाता और चलते तो हमसफर छूट जाता,
मंजिल की भी हसरत थी और उनसे भी मोहब्बत थी,
ए दिल तू ही बता, उस वक्त मैं कहाँ जाता,
मुद्दत का सफर भी था और बरसो का हमसफर भी था,
रूकते तो बिछड जाते और चलते तो बिखर जाते
यूँ समँझ लो...
प्यास लगी थी गजब की मगर पानी मे जहर था,
पीते तो मर जाते और ना पीते तो भी मर जाते।
Tum Mere Ho
Koi Ghajal Suna Kar Kya Karna,
Yoon Baat Barha Kar Kya Karna.
Tum Mere They Tum Mere Ho,
Duniya Ko Bata Kar Kya Karna.
Tum Saath Nibhao Chahat Se,
Koi Rasm Nibha Kar Kya Karna.
Tum Khafa Bhi Achchhe Lagte Ho,
Fir Tumhein Manaa Kar Kya Karna.
कोई ग़ज़ल सुना कर क्या करना,
यूँ बात बढ़ा कर क्या करना,
तुम मेरे थे, तुम मेरे हो,
दुनिया को बता कर क्या करना,
तुम साथ निभाओ चाहत से,
कोई रस्म निभा कर क्या करना,
तुम खफ़ा भी अच्छे लगते हो,
फिर तुमको मना कर क्या करना।