होम / कैटेगरी : मौसम शायरी

Mausam Shayari in Hindi

मेरे जख्म...


जिस के आने से मेरे जख्म भरा करते थे,
अब वो मौसम मेरे जख्मों को हरा करता हैं।



एडमिन द्वारा दिनाँक 08.05.16 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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अम्बर में बादल गर्मी शायरी...


आज अम्बर में बादल छाए है,
बारिश के कुछ आसार लग रहे हैं,
हो जाए तो बहुत अच्छा है,
वरना...
पंखे कूलर भी अब अंगार लग रहे हैं,
पसीने से तर कपडे और यह मच्छर,
उसपे लाइट के कट बार बार लग रहे हैं,
कितने अच्छे होते हैं वो सर्दी के दिन,
यह दिन सचमुच कितने बेकार लग रहे हैं।



प्रीत द्वारा दिनाँक 16.12.15 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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मजबूरियॉ ओढ़ के...


मजबूरियॉ ओढ़ के निकलता हूं घर से आजकल,
वरना शौक तो आज भी है बारिशों में भीगनें का ।


मजबूरियॉ ओढ़ के शायरी

एडमिन द्वारा दिनाँक 11.07.15 को प्रस्तुत | कमेंट करें

मौसम यूँ रो पड़ेगा...


हमें क्या पता था,
ये मौसम यूँ रो पड़ेगा;
हमने तो आसमां को बस
अपनी दास्ताँ सुनाई है ।


मौसम यूँ रो पड़ेगा शायरी

एडमिन द्वारा दिनाँक 11.07.15 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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दिल की बाते कौन जाने...


दिल की बाते कौन जाने,
मेरे हालात को कौन जाने,
बस बारिश का मौसम है,
पर दिल की ख्वाहिश कौन जाने,
मेरी प्यास का एहसास कौन जाने ?


दिल की बाते कौन जाने शायरी

पंकज कुमार द्वारा दिनाँक 24.06.15 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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