प्रेरक शायरी

Koshish Karane Walon Ki

Koshish Karane Walon Ki Shayari

नन्ही सी चींटी जब दाना लेकर चलती है,
चढ़ती दीवारों पर सौ बार फिसलती है,
आखिर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

Nanhi Si Cheenti Jab Daana Lekar Chalti Hai,
Charhti Deevaaron Par Sau Baar Fisalti Hai,
Aakhir Uski Mehnat Bekaar Nahin Hoti,
Koshish Karane Walon Ki Kabhi Haar Nahin Hoti.

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Kabhi Niraash Nahi Hote

Takdeer Ke Khel Se Niraash Nahi Hote,
Zindagi Mein Aise Kabhi Udaas Nahi Hote,
Haathon Ki Lakeeron Par Kyun Bharosha Karte Ho,
Takdeer Unki Bhi Hoti Hai Jinke Haath Nahi Hote.

तकदीर के खेल से निराश नहीं होते,
जिंदगी में ऐसे कभी उदास नहीं होते,
हाथों की लकीरों पर क्यों भरोसा करते हो,
तकदीर उनकी भी होती है जिनके हाथ नहीं होते।

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Vikalp Bahut Milenge

विकल्प बहुत मिलेंगे,
मार्ग भटकाने के लिए।
संकल्प एक ही रखना,
मंजिल तक जाने के लिए।

Vikalp Bahut Milenge,
Maarg Bhatkaane Ke Liye.
Sankalp Ek Hi Rakhna,
Manzil Tak Jaane Ke Liye.

Soch Le Jaao Shikhar Par

सोच को अपनी ले जाओ उस शिखर पर,
ताकि उसके आगे सितारे भी झुक जाएं,
ना बनाओ अपने सफर को किसी किश्ती का मोहताज,
चलो इस शान से कि तूफान भी रुक जाए।

Soch Ko Apni Le Jaao Uss Shikhar Par,
Taaki Uske Aage Sitaare Bhi Jhuk Jaayein,
Na Banaao Apne Safar Ko Kisi Kishti Ka Mohtaaj,
Chalo Iss Shaan Se Ki Toofaan Bhi Ruk Jaaye.

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Sonch Se Hi Sab Kuchh

लाख बदल लो आइना
चेहरा नहीं बदलता,
हथेलियों पर खींचने से लकीरें,
मुक़दर नहीं बदलता,
सोच से ही है सब कुछ,
बिन सोचे कुछ नहीं बदलता।

Laakh Badal Lo Aaina
Chehara Nahin Badalta,
Hatheliyon Par Kheenchne Se Lakeerein,
Muqadar Nahin Badalta,
Soch Se Hi Hai Sab Kuchh,
Bin Soche Kuchh Nahin Badalta.

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Hauslon Ki Udaanein

सपनों की है एक दुनिया
हौंसलों की उड़ानें हैं।

आँखों में हैं ख्वाब कई
हकीकत में सजाने हैं
कोई साथी न अगर राहो में,
अकेले ही तुझे फासले मिटाने हैं।

फूलों की ख्वाहिश है
तो काँटों से डरना क्यूँ
हर एक मुश्किल से
आगे को बढ़ना तू।

सपनों की है एक दुनिया
हौंसलों की उड़ानें हैं।

~पायल

पीर पर्वत सी

​​​हो गई है पीर पर्वत सी पिघलनी चाहिए,
इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए​।

आज यह दीवार, परदों की तरह हिलने लगी​,
शर्त लेकिन थी कि ये बुनियाद हिलनी चाहिए​।

​हर सड़क पर हर गली में हर नगर हर गाँव में​,
हाथ लहराते हुए हर लाश चलनी चाहिए​।

सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं​,
सारी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए​।

​मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही​,
हो कहीं भी आग लेकिन आग जलनी चाहिए​।

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मुझे नाकाम होने दो

अभी सूरज नहीं डूबा ज़रा सी शाम होने दो,
मैं खुद लौट जाऊँगा मुझे नाकाम तो होने दो,
मुझे बदनाम करने का बहाना ढूंढ़ता है जमाना,
मैं खुद हो जाऊँगा बदनाम पहले मेरा नाम तो होने दो।