- Home
- Page-214
हिंदी शायरी
अगर वो पूछ लें

अगर वो पूछ लें हमसे
कहो किस बात का ग़म है,
तो फिर किस बात का ग़म है,
अगर वो पूछ लें हमसे।
आपको देख कर देखता
आपको देख कर देखता रह गया,
क्या कहूँ और कहने को क्या रह गया।
आते-आते मेरा नाम-सा रह गया,
उस के होंठों पे कुछ काँपता रह गया।
वो मेरे सामने ही गया और मैं,
रास्ते की तरह देखता रह गया।
झूठ वाले कहीं से कहीं बढ़ गये,
और मैं था कि सच बोलता रह गया।
वसीम बरेलवीआँधियों के इरादे तो अच्छे न थे,
ये दिया कैसे जलता हुआ रह गया।
अब ना कोई शिकवा
अब ना कोई शिकवा,
ना गिला,
ना कोई मलाल रहा,
सितम तेरे भी बे-हिसाब रहे,
सब्र मेरा भी कमाल रहा।
हसीनों का शबाब
अदा आई, जफा आई,
गरूर आया, इताब आया,
हजारों आफतें लेकर...
हसीनों का शबाब आया।
तन्हाई की बातें
अजब से वो दिन थे अजब सी वो रातें,
तन्हाई में तन्हाई से तन्हाई की बातें।
Thokar Na Laga Mujhe
Thokar Na Laga Mujhe Pathar Nahi Hu Main,
Hairat Se Na Dekh Mujhe Manzar Nahi Hu Main,
Teri Nazaro Mein Meri Kader Kuch Bhi Nahi,
Mager Unse Pooch Jinhe Haasil Nahi Hu Main.
ठोकर ना लगा मुझे पत्थर नहीं हूँ मैं,
हैरत से ना देख कोई मंज़र नहीं हूँ मैं,
तेरी नज़र में मेरी कदर कुछ भी नही,
मगर उनसे पूछ जिन्हें हासिल नही हूँ मैं.
दिल एक मोम है
उम्मीदें जुड़ी हैं तुझसे टूटने मत देना,
दिल एक मोम है पिघलने मत देना,
दिल ने चाहा है उसे आज पता चला ,
इस धड़कन को कभी बंद होने मत देनाI