होम / कैटेगरी : तन्हाई शायरी

Tanhaai Shayari in Hindi

हिज्र के सहारे...


मेरी ज़िंदगी तो गुजरी तेरे हिज्र के सहारे,
मेरी मौत को भी कोई बहाना चाहिए।


हिज्र के सहारे शायरी

एडमिन द्वारा दिनाँक 29.11.16 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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तन्हाई का एहसास...


फिर कहीं दूर से एक बार सदा दो मुझको,
मेरी तन्हाई का एहसास दिला दो मुझको,
तुम तो चाँद हो तुम्हें मेरी ज़रुरत क्या है,
मैं दिया हूँ किसी चौखट पे जला दो मुझको।


तन्हाई का एहसास शायरी

एडमिन द्वारा दिनाँक 27.11.16 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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साँसों में तपिश...


साँसों में तपिश, यादों में कसक, आहों में नमी है,
इस दिसंबर में सब कुछ है बस उसकी कमी है।


साँसों में तपिश शायरी

एडमिन द्वारा दिनाँक 25.11.16 को प्रस्तुत | कमेंट करें

तन्हाई के समंदर...


सुकून अपने दिल का मैंने खो दिया,
खुद को तन्हाई के समंदर मे डुबो दिया,
जो थी मेरे कभी मुस्कराने की वजह,
उसकी कमी ने मेरी पलकों को भिगो दिया।


तन्हाई के समंदर शायरी

उमेश वर्मा द्वारा दिनाँक 18.10.16 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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भरी महफिल में...


वो शख्स भरी महफिल में भी मेरी तरह तन्हा है,
उसे ना पीने का शौक है... ना पिलाने का।



अनुराग जैन द्वारा दिनाँक 04.08.16 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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