सैड शायरी

ग़ालिब की उर्दू शायरी तुम न आए

तुम न आए तो क्या सहर न हुई,
हाँ मगर चैन से बसर न हुई,
मेरा नाला सुना ज़माने ने,
एक तुम हो जिसे ख़बर न हुई।
--------------------------------------
बूए-गुल, नाला-ए-दिल, दूदे चिराग़े महफ़िल,
जो तेरी बज़्म से निकला सो परीशाँ निकला।
चन्द तसवीरें-बुताँ चन्द हसीनों के ख़ुतूत,
बाद मरने के मेरे घर से यह सामाँ निकला।
--------------------------------------
हासिल से हाथ धो बैठ ऐ आरज़ू-ख़िरामी,
दिल जोश-ए-गिर्या में है डूबी हुई असामी,
उस शम्अ की तरह से जिस को कोई बुझा दे,
मैं भी जले-हुओं में हूँ दाग़-ए-ना-तमामी।

सहर = सुबह, बसर = गुजरना, नाला = शिकवा

-Advertisement-

दर्द देकर खुद सवाल मिर्ज़ा ग़ालिब

दर्द देकर खुद सवाल करते हो,
तुम भी गालिब, कमाल करते हो;

देख कर पुछ लिया हाल मेरा,
चलो इतना तो ख्याल करते हो;

शहर-ए-दिल मेँ उदासियाँ कैसी,
ये भी मुझसे सवाल करते हो;

मरना चाहे तो मर नही सकते,
तुम भी जीना मुहाल करते हो;

अब किस-किस की मिसाल दूँ तुमको,
तुम हर सितम बेमिसाल करते हो।

-Advertisement-

Jab Ro Nahi Paate

Teri Jarurat, Tera Intezar Aur Ye Tanha Aalam,
Thak Kar Muskura Dete Hain Hum Jab Ro Nahi Paate.

तेरी जरूरत, तेरा इंतजार और ये तन्हा आलम,
थक कर मुस्कुरा देते हैं, हम जब रो नहीं पाते।

Roothh Jane Ki Jaldi

Kitni Jaldi Thi Usko Roothh Jane Ki,
Aawaaz Tak Na Suni Dil Ke Toot Jane Ki.

कितनी जल्दी थी उसको रूठ जाने की,
आवाज़ तक न सुनी दिल के टूट जाने की।

-Advertisement-

Jee Nahi Chahta

Tujhe Bhool Jaane Ko Jee Nahi Chahta,
Aadat Pad Gayi Hai Tujhe Chahne Ki,
Tamanna Nahi Hai Tujhe Paane Ki,
Bas Wajah Banoon Tere Muskurane Ki.

तुझे भूल जाने को जी नहीं चाहता,
आदत पड़ गयी है तुझे चाहने की,
तमन्ना नहीं है तुझे पाने की,
बस वजह बनूँ तेरे मुस्कुराने की।

-Advertisement-

Dil Mein Sulagte Toofan

Dekh Meri Aankhon Mein Khwaab Kiske Hain,
Dil Mein Mere Sulagte Toofan Kiske Hain,
Nahi Gujra Koi Aaj Tak Iss Raste Se Hokar,
Phir Ye Kadmon Ke Nishaan Kiske Hain.

देख मेरी आँखों में ख्वाब किसके हैं,
दिल में मेरे सुलगते तूफ़ान किसके हैं,
नहीं गुज़रा कोई आज तक इस रास्ते से हो कर,
फिर ये क़दमों के निशान किसके हैं।

Mohabbat Ki Hai Isne

Qayamat Ke Roj Jab Farishton Ne Manga,
Usse Zindagi Ka Hisaab,
Khuda Khud Muskura Ke Bola,
Jaane Do... Mohabbat Ki Hai Isne.

क़यामत के रोज़ फ़रिश्तों ने जब माँगा
उससे ज़िन्दगी का हिसाब,
ख़ुदा, खुद मुस्कुरा के बोला,
जाने दो... मोहब्बत की है इसने।

-Advertisement-

Woh Bahut Roye

Iss Tarah Se Mile Woh Mujhe Saalon Baad,
Jaise Hakiqat Mili Ho Khayalo Ke Baad,
Hum Puchhte Rahe Un Se Khatayein Apni,
Wo Bahut Roye Mere Sawaalon Ke Baad.

इस तरह मिली वो मुझे सालों के बाद,
जैसे हक़ीक़त मिली हो ख्यालों के बाद,
मैं पूछता रहा उस से ख़तायें अपनी,
वो बहुत रोई मेरे सवालों के बाद।