Read Shayari in Hindi

मत पूछ इस जिंदगी में...


बेगाने होते लोग देखे,
अजनबी होता शहर देखा
हर इंसान को यहाँ,
मैंने खुद से हीं बेखबर देखा।

रोते हुए नयन देखे,
मुस्कुराता हुआ अधर देखा
गैरों के हाथों में मरहम,
अपनों के हाथों में खंजर देखा।

मत पूछ इस जिंदगी में,
इन आँखों ने क्या मंजर देखा
मैंने हर इंसान को यहाँ,
बस खुद से हीं बेखबर देखा।



राजू पासवान द्वारा दिनाँक 24.11.16 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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मौत से कह दो...


अब मौत से कह दो कि नाराज़गी खत्म कर ले,
वो बदल गया है जिसके लिए हम ज़िंदा थे​।


मौत से कह दो शायरी

एडमिन द्वारा दिनाँक 24.11.16 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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जीना सिखा दो...


चेहरे की हँसी से गम को भुला दो,
कम बोलो पर सब कुछ बता दो,
खुद ना रूठो पर सबको हँसा दो,
यही राज है ज़िन्दगी का...
जियो और जीना सिखा दो।


जीना सिखा दो शायरी

एडमिन द्वारा दिनाँक 24.11.16 को प्रस्तुत | कमेंट करें

न पाने की तमन्ना...


​याद जब आती है तुम्हारी तो सिहर जाता हूँ मैं,
देख कर साया तुम्हारा अब तो डर जाता हूँ मैं,
अब न पाने की तमन्ना है न है खोने का डर,
जाने क्यूँ अपनी ही चाहत से मुकर जाता हूँ मैं​।


न पाने की तमन्ना शायरी

एडमिन द्वारा दिनाँक 24.11.16 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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तपिश और बढ़ गई...


तपिश और बढ़ गई इन चंद बूंदों के बाद,
काले स्याह बादल ने भी बस यूँ ही बहलाया मुझे।



एडमिन द्वारा दिनाँक 24.11.16 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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