Read Shayari in Hindi

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हाथ मेरे भूल बैठे...


हाथ मेरे भूल बैठे दस्तकें देने का फ़न,
बंद मुझ पर जब से उस के घर का दरवाज़ा हुआ।

- परवीन शाकिर


एडमिन द्वारा दिनाँक 18.07.16 को प्रस्तुत | कमेंट करें

ले चल आज वहीं...


कल जहाँ से कि उठा लाए थे अहबाब मुझे,
ले चल आज वहीं फिर दिल-ए-बे-ताब मुझे।



एडमिन द्वारा दिनाँक 18.07.16 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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एक आँसू ने डुबोया...


एक आँसू ने डुबोया मुझ को उन की बज़्म में
बूँद भर पानी से सारी आबरू पानी हुई।



एडमिन द्वारा दिनाँक 18.07.16 को प्रस्तुत | कमेंट करें

वफ़ा का किस्सा...


वो कब का भूल चुका होगा हमारी वफ़ा का किस्सा,
बिछड़ के किसी को किसी का ख्याल कब रहता है।



एडमिन द्वारा दिनाँक 18.07.16 को प्रस्तुत | कमेंट करें
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लफ्ज़ कागज पे...


सुकून मिलता है दो लफ्ज़ कागज पे उतार कर,
कह भी देता हूँ और आवाज भी नहीं होती।



एडमिन द्वारा दिनाँक 18.07.16 को प्रस्तुत | कमेंट करें