हिंदी शायरी

DilKash Subah Ka Paigam

Aankhein Kholo Bhagwan Ka Naam Lo,
Saans Lo Thandi Hawa Ka Jaam Lo,
Phir Zara Mobile Haath Mein Thaam Lo,
Aur Hum Se DilKash Subah Ka Paigam Lo.
Good Morning.

आँखें खोलो भगवान का नाम लो,
सांस लो ठंडी हवा का जाम लो,
फिर ज़रा मोबाइल हाथ में थाम लो,
और हमसे दिलकश सुबह का पैगाम लो.
सुप्रभात

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GoodMorning Kahne Uthhe Hain

Aap Nahi Hote To Hum Kho Gaye Hote,
Apni Zindagi Se Ruswa Ho Gaye Hote,
Yeh Toh Aapko GoodMorning Kahne Ke Liye Uthhe Hain,
Varna Hum Toh Abhi Tak So Rahe Hote.
Good Morning.

आप नहीं होते तो हम खो गए होते,
अपनी ज़िन्दगी से रुसवा हो गए होते,
ये तो आपको गुड मोर्निंग कहने के लिए उठें हैं,
वर्ना हम तो अभी तक सो रहे होते.
शुभ दिन

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Subah Muskurati Rahe

Subah Muskurati Rahe Shayari

Har Subah Teri Muskurati Rahe,
Har Shaam Teri GunGunati Rahe,
Meri Dua Hai Ke Tu Jise Bhi Mile,
Har Milne Wale Ko Teri Yaad Sataati Rahe.
Good Morning.

हर सुबह तेरी मुस्कुराती रहे,
हर शाम तेरी गुनगुनाती रहें,
मेरी दुआ है कि तू जिसे भी मिलें,
हर मिलने वाले को तेरी याद सताती रहें.
सुप्रभात

Shaam Ke Baad Subah

Shaam Ke Baad Subah Aati Hai,
Dekh Lena Apni Aankhon Se,
Dil Ki Baat Ek Din Honthhon Pe Aayegi,
Sun Lijiyega Apne Kaano Se.

शाम के बाद सुबह आती है
देख लेना अपनी आँखों से,
दिल की बात एक दिन होठों पे आएगी,
सुन लीजियेगा अपने कानों से।

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बहुत मसरूफ शायरी

बहुत मसरूफ हो शायद जो हम को भूल बैठे हो,
न ये पूछा कहाँ पे हो न यह जाना के कैसे हो।
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क्यूँ करते हो मेरे दिल पर इतना सितम?
याद करते नहीं, तो याद आते ही क्यूँ हो।
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ना तुम बुरे सनम, ना हम बुरे सनम,
कुछ किस्मत बुरी है और कुछ वक्त बुरा है।

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इतना गुरुर शायरी

मेरा वक़्त बोला मेरी हालत को देख कर,
मैं तो गुजर रहा हूँ तू भी गुजर क्यों नहीं जाता।
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जागना भी कबूल हैं तेरी यादों में रात भर,
तेरे एहसासों में जो सुकून है वो नींद में कहाँ ।
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इतना ही गुरुर है तो मुकाबला इश्क से कर ऐ बेवफा,
हुस्न पर क्या इतराना जो मेहमान है कुछ दिन का।

दो लाइन शायरी कमाल का जिगर

कमाल का जिगर रखते है कुछ लोग,
दर्द पढ़ते है और आह तक नहीं करते।
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ना मैं शायर हूँ ना मेरा शायरी से कोई वास्ता,
बस शौक बन गया है, तेरे जलवों को बयान करना।
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मुस्कुरा देता हूँ अक्सर देखकर पुराने खत तेरे,
तू झूठ भी कितनी ईमानदारी से लिखती थी।
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एक उमर बीत चली है तुझे चाहते हुए,
तू आज भी बेखबर है कल की तरह।
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तेरी गली में आकर के खो गये हैं दोंनो,
मैं दिल को ढ़ूँढ़ता हुँ दिल तुमको ढ़ूँढ़ता है।

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Dost Bahut Milte Hain

Sawal Paani Ka Nahi Pyaas Ka Hai,
Sawal Saanson Ka Nahi Sawal Maut Ka Hai,
Dost To Duniya Mein Bahut Milte Hain,
Sawal Dosti Ka Nahi Sawal Aitbaar Ka Hai.

सवाल पानी का नहीं, सवाल प्यास का है,
सवाल सांसो का नहीं, सवाल मौत का है,
दोस्त तो दुनिया में बहुत मिलते है,
सवाल दोस्ती का नहीं, सवाल ऐतवार का है।